राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की SIT जांच में टिन्नू यादव और कैश काउंटिंग स्टाफ पर शिकंजा कसता जा रहा है। नकदी गिनती और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी है, और कुछ बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
🔎 SIT जांच के मुख्य बिंदु
- मुख्य आरोपी: रामशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू यादव, जो ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रहे हैं और नकदी गिनने के काम में शामिल थे।
- कैश काउंटिंग स्टाफ: मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले कई कर्मचारियों से पूछताछ की गई है। अब बैंक कर्मचारियों और पुजारियों से भी सवाल-जवाब हो सकते हैं।
- गहनों और जमीन की जांच: SIT ने मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों और टिन्नू यादव की कथित संपत्ति के दस्तावेजों की जांच शुरू की है।
- रसीद विवाद: एक दानदाता ने आरोप लगाया कि चढ़ावे की रसीद नहीं दी गई। इस पर SIT का शक टिन्नू यादव पर और गहरा गया है।
📊 अब तक की कार्रवाई
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| जांच एजेंसी | तीन सदस्यीय SIT (योगी सरकार द्वारा गठित) |
| पूछताछ | अब तक 11 से अधिक लोगों से सवाल-जवाब |
| आरोप | नकदी और गहनों की चोरी, रिकॉर्ड में हेरफेर |
| टिन्नू यादव पर आरोप | करोड़ों की बेनामी संपत्ति, रसीद न देने, नकदी गिनती में हेरफेर |
| SIT का फोकस | चोरी के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा |
⚖️ राजनीतिक और सामाजिक असर
- अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि अयोध्या “महापापियों का कुरुक्षेत्र” साबित होगी।
- CM योगी आदित्यनाथ ने मंदिर ट्रस्ट अधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि “चंदा चोरी पर दूध का दूध और पानी का पानी होगा।”
- भक्तों की आस्था पर असर पड़ा है और स्थानीय कारोबार पर भी नकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।
🚨 आगे की संभावना
- SIT की जांच और तेज होगी, और आने वाले दिनों में नए नामों के सामने आने की संभावना है।
- बैंक कर्मचारियों, पुजारियों और सुरक्षा अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
- अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों में पेश की जानी है।
👉 यह मामला अभी जांच के अधीन है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि टिन्नू यादव और अन्य कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई किस स्तर तक होगी।















