गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए बैठक में कहा कि भारत की राजनीति अब जातिवाद, वंशवाद और तुष्टिकरण से आगे बढ़ रही है और जनता सरकारों को उनके काम और उपलब्धियों के आधार पर परख रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र में जनता के विश्वास और सुशासन की जीत बताया।
🗣 अमित शाह का बयान (NDA बैठक)
- जातिवाद और वंशवाद का अंत शाह ने कहा कि भारतीय राजनीति में अब जातिवाद और परिवारवाद की पकड़ कमजोर हो रही है।
- जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही निर्णायक है, और मोदी सरकार ने इसे बार-बार साबित किया है।
- सुशासन और विकास पर ध्यान एनडीए की राजनीति अब केवल चुनावी गठबंधन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण और गरीब कल्याण का साझा मंच है।
- तुष्टिकरण की राजनीति पीछे छूट रही है शाह ने कहा कि अब जनता सरकारों को उनके काम और उपलब्धियों के आधार पर परख रही है।
🌍 व्यापक संदर्भ
- 2047 तक विकसित भारत का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति मजबूत सुरक्षा और सशक्त विदेश नीति के साथ भारत ने कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए विकास की गति बनाए रखी है।
- आधारभूत संरचना और नवाचार हाल के वर्षों में भारत ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, व्यापार, स्टार्टअप और निर्यात में अभूतपूर्व प्रगति की है।
📌 निष्कर्ष
अमित शाह का संदेश यह था कि भारतीय राजनीति अब जातिवाद और वंशवाद से मुक्त होकर सुशासन और विकास की ओर बढ़ रही है। एनडीए इसे जनता के विश्वास और राष्ट्रनिर्माण का साझा मंच मानता है।















