भारत में ‘गरुडास्त्र’ लॉन्ग-रेंज 120mm व्हीकल-माउंटेड मोर्टार सिस्टम का सफल प्रदर्शन हाल ही में इन्फैंट्री स्कूल, महू (मध्य प्रदेश) में किया गया। यह सिस्टम तेज़ी से तैनाती, उच्च दर से फायरिंग, Multiple Rounds Simultaneous Impact (MRSI) और GPS/लेज़र-गाइडेड प्रिसिजन म्यूनिशन जैसी अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस है।
🔑 प्रदर्शन की मुख्य विशेषताएँ
- स्थान: Infantry School, Mhow, 16–17 जून 2026
- निर्माता: Nibe Limited (पुणे), विदेशी OEM सहयोग के साथ
- प्रदर्शन प्रकार: No-Cost-No-Commitment (NC-NC) ट्रायल
⚔️ ऑपरेशनल क्षमताएँ
- Shoot-and-Scoot मिशन:
- 30 सेकंड से कम समय में फायरिंग पोज़िशन में तैनात
- 15 सेकंड में दो राउंड फायर
- 15 सेकंड में पोज़िशन बदलकर दुश्मन की काउंटर-बैटरी फायर से बचाव
- High Rate of Fire:
- केवल दो सदस्यीय क्रू द्वारा 60 सेकंड में 12 राउंड फायर
- MRSI क्षमता:
- तीन राउंड अलग-अलग ट्रैजेक्टरी से दागे गए
- सभी राउंड एक साथ लक्ष्य पर लगे, जिससे अधिकतम प्रभाव
- Precision-Guided Munition:
- GPS और लेज़र गाइडेंस से 10 किमी तक की रेंज
- 3m × 3m लक्ष्य पर सीधा हिट
🛡️ तकनीकी विशेषताएँ
- कैलिबर: 120mm
- वारहेड: 17-kg Penetrating Warhead (कंक्रीट संरचनाओं को भेदने में सक्षम)
- Crew Requirement: केवल 2 सदस्य
- तैनाती समय: <30 सेकंड
- Make in India पहल: स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मज़बूत करने के लिए विकसित
📊 महत्व और प्रभाव
| क्षमता | विवरण | सामरिक लाभ |
|---|---|---|
| Rapid Deployment | <30 सेकंड में तैयार | दुश्मन पर त्वरित प्रतिक्रिया |
| High Rate of Fire | 12 राउंड/60 सेकंड | भारी फायरपावर |
| MRSI | एक साथ कई राउंड हिट | अधिकतम नुकसान |
| Precision Strike | GPS/लेज़र गाइडेड | उच्च सटीकता, 10 किमी रेंज |
| Penetrating Warhead | 17-kg | बंकर और कंक्रीट संरचनाओं को नष्ट करने में सक्षम |
⚠️ संभावित चुनौतियाँ
- लॉजिस्टिक सपोर्ट: तेज़ तैनाती और उच्च फायरिंग दर के लिए पर्याप्त गोला-बारूद सप्लाई आवश्यक।
- काउंटर-ड्रोन खतरा: आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन निगरानी से लोकेशन उजागर हो सकती है।
- इंटीग्रेशन: भारतीय सेना की मौजूदा आर्टिलरी और कमांड सिस्टम के साथ सहज एकीकरण ज़रूरी।















