शिवसेना (UBT) ने दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहे 6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। यह कदम पार्टी में संभावित टूट और सांसदों के शिंदे गुट में जाने की अटकलों के बीच उठाया गया है।
🔑 मुख्य घटनाक्रम
- बैठक का आयोजन: 18 जून 2026 को दिल्ली में शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक हुई।
- अनुपस्थित सांसद: 9 में से केवल 3 सांसद बैठक में शामिल हुए, जबकि 6 सांसद अनुपस्थित रहे।
- कारण बताओ नोटिस: पार्टी नेता अनिल देसाई ने घोषणा की कि अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
- अनुपस्थित सांसदों के नाम: नगेेश आस्ठिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दिना पाटिल, ओमप्रकाश राजे निंबाळकर और भाऊसाहेब वाकचौरे।
📉 संकट की पृष्ठभूमि
- संभावित टूट: रिपोर्ट्स के अनुसार, ये 6 सांसद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।
- व्हिप जारी: बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी ने तीन-लाइन व्हिप जारी किया था। अनुपस्थित रहना अनुशासनहीनता माना गया।
- स्पीकर को पत्र: शिवसेना (UBT) ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर किसी भी “ब्रेकअवे” समूह को मान्यता न देने की अपील की है।
⚠️ संभावित परिणाम
- अयोग्यता का खतरा: यदि सांसद शिंदे गुट में जाते हैं तो उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि अलग समूह बनाने के लिए दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी है।
- संसदीय ताकत पर असर: UBT के पास लोकसभा में 9 सांसद हैं। यदि 6 सांसद चले जाते हैं तो शिंदे गुट की ताकत 11 हो जाएगी।
- राजनीतिक संदेश: संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों को “गद्दार” करार दिया और कहा कि पार्टी कठोर कार्रवाई करेगी।
📊 स्थिति का सारांश
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| बैठक | 18 जून 2026, दिल्ली |
| उपस्थित | 3 सांसद |
| अनुपस्थित | 6 सांसद |
| नोटिस | कारण बताओ नोटिस जारी |
| खतरा | दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता |
| असर | शिंदे गुट की ताकत बढ़ सकती है |
👉 कुल मिलाकर, शिवसेना (UBT) में यह संकट पार्टी की संसदीय ताकत और भविष्य की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। अब देखना होगा कि अनुपस्थित सांसद पार्टी के नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या वे वास्तव में शिंदे गुट में शामिल होते हैं।















