दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मनीषा वाघमारे की ज़मानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है और फैसला सुरक्षित रखा है। इस मामले में कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा है और ज़मानत पर अंतिम निर्णय जल्द सुनाया जाएगा।
📰 केस की ताज़ा स्थिति
- आरोपी: मनीषा वाघमारे, पुणे निवासी।
- आरोप: प्रहलाद कुलकर्णी के साथ मिलकर NEET UG 2026 का पेपर लीक और वितरण।
- गिरफ्तारी: सीबीआई ने 10 दिन की हिरासत के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा।
- जमानत याचिका: अधिवक्ता श्रेयस गच्छे और शुभम गावंडे के माध्यम से दाखिल।
- कोर्ट की कार्रवाई:
- विशेष न्यायाधीश (CBI) अजय गुप्ता ने सीबीआई को नोटिस जारी किया।
- सुनवाई 5 जून को हुई, फैसला सुरक्षित रखा गया।
- मनीषा वाघमारे 9 जून तक न्यायिक हिरासत में रहेंगी।
⚖️ सीबीआई के आरोप
- प्रहलाद कुलकर्णी (सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान शिक्षक) ने पेपर लीक कर मनीषा वाघमारे के माध्यम से वितरित किया।
- धनंजय लोखंडे (पुणे) को पेपर दिया गया, जिसने आगे आरोपी शुभम मधुकर खैरनार को भेजा।
- जांच में ₹6 लाख का बैंकिंग लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले।
🧑⚖️ बचाव पक्ष की दलीलें
- हिरासत को अवैध बताया गया, कहा गया कि पुणे पुलिस ने सीबीआई के निर्देश पर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया।
- गिरफ्तारी केवल धनंजय लोखंडे के बयान पर आधारित है, अन्य कोई ठोस सबूत नहीं।
📌 आगे की प्रक्रिया
- कोर्ट ने सीबीआई से विस्तृत जवाब मांगा है।
- ज़मानत पर अंतिम फैसला जल्द सुनाया जाएगा।
- इस बीच, NEET UG 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी।
🔎 सारांश
अंतिम निर्णय आने तक वह न्यायिक हिरासत में रहेंगी।
मनीषा वाघमारे की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित है।
सीबीआई ने उनके खिलाफ साजिश और पेपर वितरण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को ग़ैरकानूनी और बिना सबूत बताया है।















