उद्योग मंत्री माननीय संजय प्रसाद यादव ने किया उद्घाटन
असीमो बच्चों को नवाचार और भावी प्रौद्योगिकी से अवगत कराने की जमीन तैयार करेगा : परमजीत कौर
कैंब्रियन पब्लिक स्कूल,कांके रोड में मंगलवार को कंपोजिट स्किल लैब -“असीमो” का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय उद्योग मंत्री झारखंड सरकार, श्री संजय प्रसाद यादव , विशिष्ट अतिथि सीसीएल की महाप्रबंधक (सिस्टम) श्रीमती विभा उरांव, आईआईएम रांची के फैकेल्टी प्रोफेसर (डॉ.)अमित सचान , विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या श्रीमती परमजीत कौर ,
श्रीमती आनंदमयी सिंह और विद्यालय प्रबंधन के सचिव श्री कुणाल कुमार सिंह ने किया।
रोबोटिक्स, नवाचार और भावी प्रौद्योगिकी पर आधारित असीमो कंपोजिट स्किल लैब एक ऐसा आधुनिक प्रयोगशाला है जहां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के अलावा व्यवहारिक कौशल सिखाया जाएगा। इस प्रयोगशाला में रोबोटिक्स, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित कई अन्य आधुनिक और उपयोगी कौशल व्यावहारिक रूप से सिखाए जाएंगे।
मौके पर माननीय उद्योग मंत्री,झारखंड सरकार श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि तकनीकी जानकारियां झारखंड के बच्चों को देश विदेश में अलग पहचान दिलाएगी। इससे विकास और रोजगार का पथ प्रशस्त होगा।उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रगति से शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है।इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या श्रीमती परमजीत कौर ने कहा कि बच्चों के कौशल और प्रतिभा को निखारने के साथ ही उनकी उत्कृष्टता को पोषित करना विद्यालय का दायित्व है।
असीमो कंपोजिट स्किल लैब विद्यालय के बच्चों को नवाचार से अवगत कराने के साथ-साथ भावी प्रौद्योगिकी के लिए जमीन तैयार करेगा,ताकि बदलती तकनीकी दुनिया से बच्चे अनजान नहीं रहे। उन्होंने कहा कि कंपोजिट स्किल लैब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों पर आधारित है जो सीबीएसई के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है।
मौके पर मौजूद विद्यालय प्रबंधन के सचिव श्री कुणाल कुमार सिंह ने कहा कि कंपोजिट स्किल लैब बच्चों में व्यावहारिक शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कंपोजिट स्किल लैब की स्थापना से बच्चों और अभिभावकों में जिज्ञासा और उत्साह देखा गया। अभिभावकों ने इसे आधुनिक शिक्षा पद्धति का अपरिहार्य हिस्सा बताया।कार्यक्रम में इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के पूर्णेन्दु शंकर, आइडल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की मंजू बग्गा, इन्फोबेल्ज प्ले स्कूल की संगीता सिंह, सहित कई विद्यालयों के प्राचार्य, तकनीकी जानकार, अभिभावक, शिक्षक एवं विद्यार्थी शामिल हुए।


















