रांची। इस्कॉन रांची में वृषभानु नंदिनी श्रीमती राधारानी का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया तथा मंदिर परिसर को फूलों और रंगोलियों से सजाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मंगल आरती से हुई। संध्या मुख्य कार्यक्रम में “जय राधा माधव, जय कुंज बिहारी” के मधुर कीर्तन के साथ भजन एवं भक्तिमय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। श्री राधा-कृष्ण का 21 द्रव्यों से अभिषेक किया गया तथा 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
इस्कॉन रांची के महाप्रबंधक श्रीमान मधुसूदन मुकुंद दास ने श्रीराधारानी के प्राकट्य एवं उनके आध्यात्मिक महत्व पर कथा कही। उन्होंने कहा कि श्रीराधारानी की कृपा के बिना श्रीकृष्ण की भक्ति प्राप्त करना कठिन है। उन्होंने बताया कि कलियुग में श्रीचैतन्य महाप्रभु राधाभाव लेकर प्रकट हुए और हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से कृष्ण भक्ति का प्रचार किया। उन्होंने सभी से हरे कृष्ण महामंत्र के जप एवं संकीर्तन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
महाआरती एवं हरिनाम संकीर्तन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर लगभग 900 भक्तों के बीच चरणामृत एवं प्रसाद का वितरण किया गया।


















