ममता बनर्जी को बंगाल उपचुनाव से बड़ा झटका लगा है—नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर से भी उनके प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस ले लिया है। इसका मतलब है कि दोनों सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं होगा।
🗳️ बंगाल उपचुनाव 2026 – ताज़ा स्थिति
- नंदीग्राम सीट
- ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया।
- ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया, लेकिन उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
- अब मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और TMC बागी गुट के बीच है।
- रेजीनगर सीट
- ममता गुट के प्रत्याशी रबीउल आलम चौधरी ने भी नामांकन वापस ले लिया।
- अब यहां मुकाबला कांग्रेस, भाजपा, रीतब्रत बनर्जी गुट (TMC बागी), और AJUP के बीच होगा।
📉 ममता बनर्जी की स्थिति
- दोनों सीटों पर उम्मीदवार हटने से ममता गुट चुनावी मैदान से बाहर हो गया है।
- पार्टी के भीतर चिह्न और नेतृत्व विवाद के कारण कार्यकर्ताओं में असमंजस और असुरक्षा बढ़ी।
- विपक्षी दलों (भाजपा, कांग्रेस, लेफ्ट और TMC बागी गुट) को अब सीधा फायदा मिल सकता है।
📊 प्रमुख उम्मीदवारों की सूची
| सीट | ममता गुट (TMC) | TMC बागी गुट | भाजपा | कांग्रेस | अन्य |
|---|---|---|---|---|---|
| नंदीग्राम | संचिता प्रधान (नामांकन वापस) | मोहम्मद एहतेशामुल हक | हसीरानी रथ | मिलन प्रधान (गिरफ्तार) | CPI, AISF आदि |
| रेजीनगर | रबीउल आलम चौधरी (नामांकन वापस) | सफीउद्दीन शेख | सखाराम सरकार | मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी | AJUP, RSP, RPI |
⚠️ राजनीतिक असर
- ममता बनर्जी बैकफुट पर: दोनों सीटों से उम्मीदवार हटने के बाद उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर दिख रही है।
- TMC में कलह गहराई: बागी गुट और आधिकारिक गुट के बीच टकराव से संगठनात्मक संकट और बढ़ा।
- भाजपा को फायदा: विपक्षी एकता टूटने से भाजपा को चुनावी लाभ मिल सकता है।
- कांग्रेस की मुश्किलें: नंदीग्राम में उम्मीदवार की गिरफ्तारी से कांग्रेस भी संकट में है।
👉 कुल मिलाकर, बंगाल उपचुनाव 2026 ममता बनर्जी के लिए सबसे कठिन परीक्षा बन गया है। नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर उनकी पार्टी का कोई उम्मीदवार नहीं है, जिससे उनकी राजनीतिक रणनीति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।















