रांची के धुर्वा इलाके (मौसीबाड़ी/जगन्नाथपुर क्षेत्र) से 2 जनवरी 2026 को लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। ये बच्चे घर से बिस्कुट खरीदने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिवार ने 3 जनवरी को धुर्वा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।विरोध और बंद का हालआज (11 जनवरी 2026) लोगों के आक्रोश के कारण धुर्वा इलाके (कुछ रिपोर्टों में पूरे एचईसी क्षेत्र) में बंद बुलाया गया था। स्थानीय निवासियों ने मौसीबाड़ी के पास टायर जलाकर सड़क जाम किया और प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए भारी बल तैनात किया और एक बंद समर्थक को हिरासत में भी लिया गया।कल (10 जनवरी) शाम को मौसीबाड़ी से बिरसा चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया था, जिसमें लोगों ने बच्चों की जल्द सकुशल वापसी की मांग की। यह जुलूस अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति (जिसमें राजद नेता कैलाश यादव जैसे लोग शामिल हैं) के नेतृत्व में हुआ।पुलिस और जांच की स्थिति
- झारखंड पुलिस ने 40 सदस्यीय SIT (Special Investigation Team) गठित की है, जिसमें कई IPS और DSP स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
- जांच बिहार (पटना, छपरा), उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है, साथ ही रांची के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और सीसीटीवी की जांच हो रही है।
- कुछ लोगों ने शालीमार बाजार या शहीद मैदान के आसपास बच्चों को देखने का दावा किया था, जिसके आधार पर तलाश तेज हुई, लेकिन कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला।
- पुलिस ने सूचना देने वाले को ₹51,000 का इनाम घोषित किया है और पूरे झारखंड में पोस्टर बांटे गए हैं।
- डीजीपी तदाशा मिश्रा मामले की व्यक्तिगत निगरानी कर रही हैं।
परिजनों (पिता सुनील कुमार और मां नीतू) की हालत बेहद दयनीय है—मां रो-रोकर बेहोश हो रही हैं। परिवार मूल रूप से बिहार से है और रांची में सिर्फ 6 महीने पहले आया था।यह मामला पूरे राज्य में चिंता का विषय बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन से तेज कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उम्मीद है कि बच्चे जल्द सुरक्षित मिल जाएं। यदि आपको इस बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी या अपडेट चाहिए, तो बताएं।















