ईरान-इज़राइल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के संदर्भ में सामने आई है। मार्च 2026 के शुरुआती दिनों में, ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित ईरानी कुर्द विपक्षी समूहों (जैसे PDKI, Komala, PAK, PJAK आदि) के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका (CIA) और इज़राइल ईरान के खिलाफ एक आंतरिक विद्रोह भड़काने के लिए इन कुर्द गुटों को हथियार और समर्थन देने की योजना पर विचार कर रहे हैं या काम कर रहे हैं। रिपोर्ट्स (जैसे CNN, Reuters, Middle East Eye आदि से) बताती हैं कि:
- अमेरिका इन कुर्द लड़ाकों को ईरान के पश्चिमी हिस्सों में ग्राउंड ऑपरेशन के लिए तैयार कर रहा है, ताकि तेहरान की सेना को व्यस्त रखा जा सके और बड़े शहरों में विरोध प्रदर्शन आसान हो सकें।
- हजारों कुर्द लड़ाके इराक-ईरान बॉर्डर के पास सक्रिय हैं, और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वे ईरान में प्रवेश कर चुके हैं या ग्राउंड ऑफेंसिव की तैयारी में हैं।
- IRGC ने इन हमलों को “अलगाववादी आतंकवादी समूहों” के खिलाफ बताया है, और कम से कम 3 मिसाइलों से हमले की पुष्टि की है। कुछ रिपोर्ट्स में दर्जनों ड्रोन और मिसाइलों का जिक्र है, जो Komala, PDKI जैसे ग्रुप्स के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया।
मुख्य बिंदु:
- IRGC का दावा: उन्होंने कुर्दिश विपक्षी ग्रुप्स के बेस पर हमले किए, जो ईरान के खिलाफ “अलगाववादी” गतिविधियां चला रहे थे। कोई हताहत की स्पष्ट संख्या नहीं बताई गई, लेकिन कुर्द ग्रुप्स ने हमलों की पुष्टि की और कहा कि वे तैयार हैं।
- अमेरिका का रोल: रिपोर्ट्स में कहा गया है कि CIA इन कुर्दों को आर्म करने की कोशिश कर रही है ताकि ईरान में uprising शुरू हो। ट्रंप प्रशासन के साथ चर्चाएं चल रही हैं।
- परिणाम: ये हमले ईरान की तरफ से preventive strikes माने जा रहे हैं, ताकि कुर्द लड़ाके ईरान में घुस न पाएं और आंतरिक मोर्चा न खुल जाए। इराकी कुर्दिस्तान में अमेरिकी और गठबंधन ठिकानों पर भी हमले हो रहे हैं।
यह घटना ईरान पर चल रहे अमेरिकी-इज़राइली हमलों के बीच escalation का हिस्सा है, जहां तेहरान अपने खिलाफ किसी भी ग्राउंड थ्रेट को कुचलने की कोशिश कर रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए最新 अपडेट्स के लिए विश्वसनीय न्यूज़ सोर्स चेक करते रहें।















