झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी (कांग्रेस विधायक, जामताड़ा से) ने 19 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पोस्ट और बयान में ऐलान किया कि महागठबंधन सरकार (हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM-कांग्रेस गठबंधन सरकार) बिहार की आयुष डॉक्टर डॉ. नुसरत परवीन (या नुसरत प्रवीण) को झारखंड में सरकारी नौकरी देगी।मुख्य बिंदु:
- पृष्ठभूमि: बिहार में 15 दिसंबर 2025 को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉ. नुसरत का हिजाब हटाने (या खींचने) की कोशिश का वीडियो वायरल हुआ, जिसे कई लोग महिलाओं की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं। इस पर देशव्यापी विवाद हुआ।
- ऑफर की डिटेल्स:
- 3 लाख रुपये मासिक वेतन।
- मनचाही पोस्टिंग (झारखंड स्वास्थ्य सेवा में)।
- सरकारी फ्लैट/आवास।
- पूर्ण सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण।
- नियुक्ति मुख्यमंत्री स्तर पर कराई जाएगी।
- इरफान अंसारी ने इसे “महागठबंधन सरकार का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला” बताया, और कहा कि यह बिहार की घटना का जवाब है जहां महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ।
- डॉ. नुसरत की स्थिति: रिपोर्ट्स के अनुसार, वे बिहार में ही नौकरी जॉइन करने वाली हैं (20 दिसंबर 2025 को पटना में), और नीतीश कुमार से नाराज नहीं हैं (उनके कॉलेज प्रिंसिपल और करीबियों के बयान से)। शुरुआती खबरें थीं कि वे नौकरी छोड़ सकती हैं, लेकिन अब जॉइन करने की पुष्टि है।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: यह बयान सियासी विवाद का हिस्सा बन गया। बिहार में JDU ने इरफान अंसारी पर पलटवार किया, जबकि महागठबंधन समर्थक इसे महिलाओं के सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं।
यह एक राजनीतिक बयान और ऑफर है, जो महिलाओं की गरिमा व धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर केंद्रित है। कई न्यूज सोर्स (हिंदुस्तान, आज तक, टीवी9, वेबदुनिया आदि) ने इसे कवर किया है।















