बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को करारी हार का सामना कराया है। 2020 में 75 सीटों वाली राजद इस बार महज 25 सीटों पर सिमट गई, जबकि महागठबंधन को कुल 35 सीटें मिलीं। हार के बाद पार्टी की पहली समीक्षा बैठक में ईवीएम को हार का मुख्य कारण बताते हुए कई नेताओं ने सवाल उठाए। कुछ विधायकों ने कोर्ट जाने की बात कही, तो अंदरूनी कलह भी सड़क पर उतर आया। लालू परिवार के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से नेता प्रतिपक्ष चुना गया।हार के आंकड़े: एक नजर
| गठबंधन | 2020 सीटें | 2025 सीटें | वोट शेयर (%) |
|---|---|---|---|
| एनडीए | 125 | 202 | ~52 |
| महागठबंधन | 110 | 35 | ~38 |
| – राजद | 75 | 25 | 23 |
| – कांग्रेस | 19 | 6 | – |
(स्रोत: चुनाव आयोग डेटा और पार्टी समीक्षा रिपोर्ट)ईवीएम पर आरोप: ‘हर मशीन में 25,000 वोट पहले से लदे’
- जगदानंद सिंह का दावा: राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने बैठक में कहा कि हर ईवीएम में पहले से 25,000 वोट एनडीए के पक्ष में मौजूद थे। फिर भी 25 उम्मीदवार जीते, जो ‘भाग्य’ है। उन्होंने इसे ‘ईवीएम की सुनामी’ करार दिया।
- भाई वीरेंद्र का बयान: मनेर से जीते विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, “ईवीएम में चोरी हुई है। बैलेट पेपर से चुनाव हो, वरना लोकतंत्र खतरे में है।” वे तेजस्वी की ओर से मोर्चा संभालते नजर आए।
- संजीव कुमार का ऐलान: राजद नेता संजीव कुमार ने कहा कि हार ईवीएम छेड़छाड़ से हुई। सबूत इकट्ठा कर कोर्ट में मुकदमा दायर करेंगे।
- पार्टी का रुख: समीक्षा बैठक में कई हारे उम्मीदवारों और विधायकों ने ईवीएम पर सवाल उठाए। शक्ति सिंह यादव ने कहा, “धरातल पर जनसैलाब था, लेकिन वोट सीटों में नहीं बदले—ये ईवीएम की चाल है।” हालांकि, चुनाव आयोग ने सासाराम जैसे मामलों में आरोपों को खारिज किया, जहां ‘ईवीएम भरा ट्रक’ निकला खाली स्टील बॉक्स।
नेताओं में असंतोष: बगावत की हवा
- शिवानंद तिवारी का तंज: वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी को जिम्मेदार ठहराया, “उन्होंने संघर्ष के बजाय सीएम बनने के सपने देखे। लालू परिवार धृतराष्ट्र की तरह अंधा है।” यह बयान आंतरिक कलह को उजागर करता है।
- संजय यादव पर हमला: तेजस्वी के करीबी संजय यादव पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा। राबड़ी आवास के बाहर प्रदर्शन हुए, जहां उन्हें टिकट वितरण और गलत सलाह का दोषी बताया गया। कार्यकर्ता चिल्लाए, “संजय ने पार्टी बर्बाद कर दी!”
- साधु यादव की सलाह: राबड़ी के भाई साधु यादव ने कहा, “राजद को आत्ममंथन चाहिए। ओवरकॉन्फिडेंस ने हार दिलाई। रोहिणी आचार्य की नाराजगी भी इसी का नतीजा।”
- तेजस्वी का भावुक अपील: तेजस्वी ने कहा, “यह नाजुक समय है। नेता मजबूत तब होता है जब साथ मिले। आलोचना बाद में, अब एकजुट हो।” उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश की, लेकिन लालू ने साफ कहा, “तेजस्वी ही नेतृत्व करेंगे।”
सोशल मीडिया पर बहसX (पूर्व ट्विटर) पर #BiharElection2025 ट्रेंड कर रहा है। राजद समर्थक ईवीएम को ‘वोट चोर’ बता रहे, जबकि आलोचक इसे ‘हार की बौखलाहट’ कह रहे। एक पोस्ट में कहा गया, “राजद जहां जीती, ईवीएम ठीक; जहां हारी, छेड़छाड़?”
@vkc1000 पूर्व चुनावों में भी राजद ने ईवीएम पर सवाल उठाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में इसे खारिज किया था।यह हार राजद के लिए सबक है—रणनीति, एकता और जमीनी मुद्दों पर फोकस। जांच जारी है, लेकिन पार्टी को सुधार की राह पकड़नी होगी। आगे अपडेट्स पर नजर।

















