भारत और अमेरिका ने AI Impact Summit 2026 के दौरान दिल्ली में Pax Silica Declaration पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, चिप मैन्युफैक्चरिंग, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करेगा।Pax Silica एक US-लीड पहल है, जो दिसंबर 2025 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य ट्रस्टेड पार्टनर्स के साथ मिलकर ग्लोबल सिलिकॉन सप्लाई चेन को सुरक्षित, रेजिलिएंट और इनोवेशन-ड्रिवन बनाना है। इससे चीन जैसी निर्भरता कम करने और AI-संचालित टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने का लक्ष्य है।
भारत की एंट्री से अब यह ब्लॉक और मजबूत हो गया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, इज़राइल, UAE आदि देश शामिल हैं।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह समझौता भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए बहुत फायदेमंद होगा। भारत में पहले से कई प्लांट्स स्थापित हो रहे हैं, जल्द ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा, और 2-नैनोमीटर चिप्स डिजाइन हो रहे हैं। इससे युवाओं को बड़े अवसर मिलेंगे।US साइड से अंबेसडर Sergio Gor और अन्य अधिकारियों ने इसे “स्ट्रैटेजिक और एसेंशियल” बताया, जो फ्री सोसाइटीज को AI लीडरशिप में आगे ले जाएगा।हालांकि, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं (Youth Congress) ने इस समझौते और कथित ट्रेड डील के विरोध में Bharat Mandapam में प्रदर्शन किया। कुछ ने शर्ट उतारकर स्लोगन लगाए, जैसे “India US Trade Deal”, “PM is compromised” और “Epstein Files”।
पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की। BJP ने इसे अंतरराष्ट्रीय इवेंट में डिस्टर्ब करने की कोशिश बताया।यह घटना AI Impact Summit (16-20 फरवरी 2026) के दौरान हुई, जहां PM मोदी, Sundar Pichai जैसे लीडर्स ने AI के भविष्य पर बात की। कुल मिलाकर, Pax Silica से भारत की टेक सेल्फ-रिलायंस और ग्लोबल पार्टनरशिप मजबूत होगी।















