ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला ने अजित पवार के विमान हादसे की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। दोनों नेताओं ने कहा कि इस घटना में केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि संभावित लापरवाही या साज़िश की भी जांच होनी चाहिए।
📰 क्या कहा ममता बनर्जी ने?
- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
- उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या साज़िश का सच सामने आ सके।
- ममता ने यह भी संकेत दिया कि हादसे में फाउल प्ले (साज़िश) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
🗣️ उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
- जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ममता बनर्जी की मांग का समर्थन किया।
- उन्होंने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
- उमर ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं में केवल तकनीकी कारण बताना पर्याप्त नहीं है, गहराई से जांच होनी चाहिए।
⚖️ राजनीतिक असर
- अजित पवार महाराष्ट्र के डिप्टी CM थे और उनका निधन राजनीतिक गलियारों में बड़ा झटका माना जा रहा है।
- अब यह हादसा राजनीतिक विवाद का रूप ले रहा है क्योंकि विपक्षी नेता इसे केवल “दुर्घटना” मानने को तैयार नहीं हैं।
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग से यह मामला और गंभीर हो गया है।
🔍 सारांश
- ममता बनर्जी: सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग में जांच की मांग, साज़िश की संभावना जताई।
- उमर अब्दुल्ला: पारदर्शी जांच की मांग, तकनीकी कारणों से आगे जाकर जांच होनी चाहिए।
- यह हादसा अब सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है।
क्या आप चाहेंगे कि मैं आपको बताऊँ कि DGCA और अन्य एजेंसियों ने इस हादसे पर अब तक क्या आधिकारिक कदम उठाए हैं?















