दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार ब्लास्ट की जांच में एक नया सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। यह वीडियो धमाके से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया लगता है, जिसमें मुख्य आरोपी डॉ. मोहम्मद उमर नबी (उमर नबी) अंग्रेजी में भाषण देते हुए सुसाइड बॉम्बिंग (आत्मघाती हमले) को जायज ठहराता नजर आ रहा है। वीडियो में उमर कहता है कि “सुसाइड बॉम्बिंग को ठीक से समझा नहीं गया है” और इसे इस्लामी संदर्भ में सही बताने की कोशिश करता है। यह वीडियो जांच एजेंसियों के लिए एक अहम सबूत साबित हो सकता है, जो उमर की मानसिकता और हमले की मंशा को उजागर करता है।वीडियो का विवरण और संदर्भ
- वीडियो की प्रकृति: यह एक सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो है, जिसमें उमर अकेला कैमरे के सामने बैठा है। वह शांत स्वर में बोलता है और सुसाइड अटैक को “गलतफहमी” बताते हुए इसकी पैरवी करता दिखता है। वीडियो की लंबाई लगभग 2-3 मिनट बताई जा रही है।
- धमाके से कनेक्शन: ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई सफेद ह्युंडई i20 कार में विस्फोटक लादे हुए उमर खुद को उड़ा ले गया था। उसके शरीर के अवशेषों की पहचान मां के डीएनए से हुई थी। यह वीडियो हमले से कुछ घंटे या दिन पहले का लगता है, जो उमर की तैयारी को दर्शाता है।
- स्रोत: वीडियो की जानकारी प्रमुख हिंदी न्यूज चैनलों से लीक हुई है। आज तक ने इसे एक्सक्लूसिव बताया, जबकि एबीपी न्यूज ने इसे “सनसनीखेज” करार दिया।
उमर नबी कौन था?
- पृष्ठभूमि: उमर नबी (उम्र करीब 32 वर्ष) जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था। वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था और डॉक्टरेट (PhD) कर चुका था। गांव कोइल में वह “लाडला” के नाम से जाना जाता था, और शादी की तैयारी चल रही थी।
- आतंकी कनेक्शन: जांच में पता चला कि उमर ISIS से प्रेरित था और स्लीपर सेल नेटवर्क बना रहा था। वह शाहीन और थ्रीमा जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर प्लानिंग करता था। हमले का मकसद 6 दिसंबर (बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी) को देशभर में 32 जगहों पर धमाके करना था, जिसमें दिल्ली सिर्फ शुरुआत थी।
- तैयारी: ब्लास्ट से 18 घंटे पहले हरियाणा के नूंह में ATM से कैश निकालने का CCTV फुटेज आया, जहां वह गार्ड को लालच देकर पैसे निकलवाता दिखा। दिल्ली-एनसीआर की 43 लोकेशंस से गुजरा, मस्जिदों में रुका (जैसे तुर्कमान गेट मस्जिद, जहां 10 मिनट चहलकदमी की)।
जांच के नए खुलासे
- नेटवर्क: उमर एक सुसाइड बॉम्बर की तलाश में था, लेकिन जिसे ब्रेनवॉश करने की कोशिश की, उसने “इस्लाम में खुदकुशी हराम” बताकर इनकार कर दिया। हमले में 13 मौतें हुईं (13वीं नदीम), और 20+ घायल।
- सुरक्षा चूक: ब्लास्ट के वक्त चश्मदीदों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लोग तीन बार गिर पड़े, लाशें दूर तक बिखर गईं। NIA और दिल्ली पुलिस जांच कर रही है, NSG बम स्क्वायड ने कार की जांच की।
- X (ट्विटर) पर चर्चा: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। यूजर्स इसे “जिहादी मानसिकता” बता रहे हैं, जबकि कुछ चश्मदीद वीडियो शेयर कर रहे हैं। कोई आधिकारिक X वीडियो पोस्ट नहीं मिला, लेकिन न्यूज हैंडल्स ने CCTV क्लिप्स शेयर कीं।
यह घटना भारत में आतंकवाद की बढ़ती चुनौती को रेखांकित करती है, खासकर पढ़े-लिखे लोगों के रेडिकलाइजेशन को। जांच जारी है, और आगे के अपडेट्स पर नजर रखें।
















