झारखंड: JPSC रिजल्ट में देरी से अभ्यर्थियों का आक्रोश, दफ्तर के बाहर ‘सत्याग्रह’ शुरू
रांची, 17 नवंबर 2025: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के रिजल्ट लंबे समय से न जारी करने के खिलाफ आज रांची में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने JPSC मुख्यालय के बाहर ‘सत्याग्रह’ शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) परीक्षा के रिजल्ट को लेकर है, जो मई 2024 में आयोजित हुई थी, लेकिन अभी तक घोषित नहीं हुआ। अभ्यर्थी इसे ‘भविष्य के साथ खिलवाड़’ बता रहे हैं।प्रदर्शन का विवरण
- स्थान और समय: JPSC दफ्तर के बाहर, पुराना जेल चौक, रांची। सुबह से ही सैकड़ों छात्र इकट्ठा हो गए।
- मांगें: CDPO सहित अन्य परीक्षाओं (जैसे फूड सेफ्टी ऑफिसर, सिविल सर्विसेज) के रिजल्ट तत्काल जारी करने की मांग। अभ्यर्थियों ने नारे लगाए – “रिजल्ट दो JPSC!”, “हमारा भविष्य घोषित करो!”।
- रूप: प्रदर्शन को ‘सत्याग्रह’ का नाम दिया गया है, जो अनिश्चितकालीन रहेगा। दोपहर में एक प्रतिनिधिमंडल ने JPSC अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन केवल मौखिक आश्वासन मिला – “जल्द जारी होगा”। कोई लिखित समयसीमा नहीं दी गई।
- शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़: पुलिस तैनाती के बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। अभ्यर्थी कह रहे हैं, “महीनों से यही सुनते आ रहे हैं। अब लिखित घोषणा नहीं मिली तो सत्याग्रह जारी रहेगा।”
देरी के कारण और प्रभावJPSC पर लंबे समय से रिजल्ट देरी का आरोप लगता रहा है। कुछ प्रमुख उदाहरण:
- CDPO परीक्षा: 27 मई 2024 को हुई, जून 2023 में विज्ञापन जारी। 5 महीने बाद भी रिजल्ट नहीं।
- सिविल सर्विसेज (11वीं-13वीं): मेन परीक्षा जून 2024 में हुई, लेकिन चेयरमैन पद रिक्त रहने (अगस्त 2024-फरवरी 2025) से 10 महीने की देरी। जुलाई 2025 में आखिरकार 342 उम्मीदवारों का चयन हुआ।
- अन्य: फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) और अन्य भर्तियों में भी समान समस्या।
| परीक्षा | परीक्षा तिथि | अपेक्षित रिजल्ट | वर्तमान स्थिति | प्रभाव |
|---|---|---|---|---|
| CDPO | 27 मई 2024 | अगस्त 2024 | लंबित | आयु सीमा समाप्ति का डर, नौकरी चक्र प्रभावित |
| सिविल सर्विसेज मेन | जून 2024 | अगस्त 2024 | जुलाई 2025 में जारी | महीनों के विरोध के बाद रिलीज, लेकिन अन्य लंबित |
| FSO | मई 2024 | सितंबर 2024 | लंबित | हजारों अभ्यर्थी प्रभावित |
अभ्यर्थी संगठन झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JSSA) के अध्यक्ष सत्यनारायण शुक्ला ने कहा, “JPSC परीक्षाएं तो समय पर लेता है, लेकिन रिजल्टों से छात्रों का करियर बर्बाद कर देता है। आयु सीमा नजदीक आ रही है, फिर भी पारदर्शिता का अभाव।” कई अभ्यर्थी भूख हड़ताल की धमकी दे रहे हैं।JPSC और सरकार का रुख
- JPSC ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। चेयरमैन एल. खियांगते के नेतृत्व में कमीशन पर दबाव बढ़ रहा है।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले कहा था कि JPSC स्वायत्त संस्था है, सरकार सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती। लेकिन कैबिनेट ने जनवरी 2025 तक रिक्त पद भरने का कैलेंडर बनाने का फैसला लिया था, जो अभी तक लागू नहीं।
- सोशल मीडिया पर #JPSCCDPO #ResultJariKaro #StudentProtest जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लाइव अपडेट्स में छात्र सड़क पर उतरते दिख रहे हैं।
यह समस्या पुरानी है – जनवरी से सितंबर 2025 तक कई बार प्रदर्शन हुए। अगर जल्द रिजल्ट नहीं जारी हुए, तो आंदोलन और तेज हो सकता है। अभ्यर्थी क्या सोचते हैं? कमेंट में बताएं। अधिक अपडेट के लिए jpsc.gov.in चेक करें।















