केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान का एक हालिया बयान है, जो आज (1 नवंबर 2025) पटना, बिहार में दिया गया। यह बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के संदर्भ में है, जहां मतदान 6 और 11 नवंबर को होना है, और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। पासवान ने NDA (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) की एकजुटता पर भरोसा जताते हुए विपक्षी महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वाम दलों आदि) की कमजोरियों पर निशाना साधा है। आइए इस बयान को विस्तार से समझते हैं और इसके राजनीतिक संदर्भ को देखते हैं।बयान का सारांश (आपके उद्धरण के आधार पर)चिराग पासवान ने कहा:
“…हम जहां भी जा रहे हैं, जिस तरह से रुझान NDA के पक्ष में दिख रहे हैं, एक बात तो तय है कि NDA की मजबूत सरकार बनने जा रही है। 2020 में विभाजित NDA और संयुक्त महागठबंधन था, विभाजन हुआ लेकिन उसके बावजूद NDA ने सरकार बनाई लेकिन आज स्थिति विपरीत है, आज विभाजित महागठबंधन है, संयुक्त NDA है। प्रियंका गांधी शायद आज चुनाव प्रचार करने जा रही हैं, वे कांग्रेस की सीटों पर प्रचार करने जा रही हैं तो जाहिर है कि वे अपने ही गठबंधन के घटक दलों के विरोध में प्रचार करेंगी, इसलिए इसका असर बाकी सीटों पर भी पड़ेगा…”
- मुख्य बिंदु:
- NDA की मजबूती: पासवान का दावा है कि जनता का रुझान NDA के पक्ष में है, और गठबंधन की एकजुटता के कारण मजबूत सरकार बनेगी। उन्होंने 2020 के चुनाव का जिक्र किया, जब NDA विभाजित था (उनकी पार्टी बाहर थी), फिर भी सरकार बनी। अब NDA एकजुट है, जबकि महागठबंधन टूटा हुआ है।
- महागठबंधन पर तंज: विपक्ष को “विभाजित” बताते हुए, पासवान ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बिहार दौरे का उल्लेख किया। प्रियंका आज (1 नवंबर) बिहार में रैलियां करने वाली हैं, लेकिन पासवान का कहना है कि वे मुख्य रूप से कांग्रेस की सीटों पर प्रचार करेंगी, जो महागठबंधन के अन्य दलों (जैसे RJD) के खिलाफ जा सकता है। इससे पूरे गठबंधन को नुकसान होगा।
यह बयान ANI द्वारा X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया गया एक वीडियो से लिया गया है, जो पटना से रिपोर्ट किया गया।
@AHindinewsराजनीतिक संदर्भ
- 2020 बनाम 2025: 2020 में NDA ने 125 सीटें जीतीं (BJP: 74, JD(U): 43, HAM: 4, LJP बाहर), जबकि महागठबंधन को 110 मिलीं। चिराग पासवान की LJP (RV) तब NDA से बाहर थी, जिससे JD(U) को नुकसान हुआ। अब LJP(RV) NDA में है (लगभग 30 सीटों पर लड़ेगी), जिससे गठबंधन मजबूत हुआ है। पासवान ने हाल ही में कहा कि NDA 225+ सीटें जीतेगा। aninews.in
- प्रियंका गांधी का दौरा: कांग्रेस बिहार में महागठबंधन की छोटी हिस्सेदार है (केवल 20-25 सीटें)। प्रियंका का फोकस कांग्रेस-केंद्रित रैलियों पर है (जैसे रोसड़ा, सहरसा आदि), जो RJD जैसी पार्टियों के लिए वोट-ट्रांसफर में बाधा बन सकता है। विपक्ष के अंदर सीट-बंटवारे पर भी तनाव की खबरें हैं। पासवान का यह तंज महागठबंधन की आंतरिक कलह को उजागर करता है। livemint.com
- NDA की रणनीति: NDA ने 31 अक्टूबर को संकल्प पत्र जारी किया, जिसमें 1 करोड़ नौकरियां, मुफ्त शिक्षा, MSME पार्क आदि वादे हैं। पासवान ने इसे “विकास का रोडमैप” बताया। PM मोदी, अमित शाह और नीतीश कुमार की रैलियां जोर पकड़ रही हैं। thehindu.com पासवान ने प्राशांत किशोर की जन सुराज को भी खारिज किया, कहा बिहारी वोट बर्बाद नहीं करेंगे। aninews.in
NDA vs महागठबंधन: तुलना (2020 के आंकड़ों और 2025 के अनुमानों के आधार पर)
| पैरामीटर | NDA (2020) | महागठबंधन (2020) | NDA (2025 अनुमान) | महागठबंधन (2025 अनुमान) |
|---|---|---|---|---|
| कुल सीटें | 125 | 110 | 225+ (पासवान का दावा) | 100-120 (विपक्ष कमजोर) |
| मुख्य पार्टियां | BJP (74), JD(U) (43) | RJD (75), कांग्रेस (19) | BJP, JD(U), LJP(RV), HAM | RJD, कांग्रेस, वाम दल |
| एकजुटता | विभाजित (LJP बाहर) | संयुक्त | संयुक्त | विभाजित (सीट-बंटवारा विवाद) |
| मुख्य मुद्दे | विकास, जाति संतुलन | नौकरी, आरक्षण | 1 करोड़ नौकरियां, उद्योग | रोजगार, OBC आरक्षण |
(स्रोत: चुनाव आयोग डेटा और हालिया बयान) prokerala.com +1क्या यह बयान प्रभाव डालेगा?
- NDA के लिए फायदा: पासवान का दल पासवान समुदाय (SC) में मजबूत है, जो बिहार के 16% वोटर हैं। उनका NDA समर्थन गठबंधन को मजबूत कर रहा है।
- विपक्ष की चुनौती: महागठबंधन में कांग्रेस की सीमित भूमिका और आंतरिक मतभेद (जैसे तेजस्वी यादव vs राहुल गांधी) वोट-ट्रांसफर को प्रभावित कर सकते हैं। प्रियंका का दौरा उत्साह बढ़ाएगा, लेकिन पासवान का तंज इसे कमजोरी के रूप में पेश करता है।
- कुल मिलाकर: चुनाव विकास, जाति और गठबंधन की एकजुटता पर टिका है। पासवान जैसे नेता NDA की एकता को हथियार बना रहे हैं।















